उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा से जुड़ा बड़ा अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीख बढ़ा दी है और सभी स्कूलों को 13 फरवरी तक छात्रों के अंक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह फैसला उन स्कूलों और छात्रों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जहां विभिन्न कारणों से प्रैक्टिकल समय पर संपन्न नहीं हो पाए थे।
क्यों बढ़ाई गई तारीख
बोर्ड को कई जिलों से सूचना मिली थी कि कुछ स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं निर्धारित समय में पूरी नहीं हो सकीं। कहीं परीक्षक की अनुपस्थिति रही तो कहीं तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। ऐसे में छात्रों के हित को देखते हुए बोर्ड ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया, ताकि किसी भी छात्र का परिणाम प्रभावित न हो।
13 फरवरी तक मार्क्स अपलोड अनिवार्य
यूपी बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालय निर्धारित नई समय सीमा के भीतर प्रैक्टिकल के अंक आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करें। 13 फरवरी के बाद पोर्टल बंद किया जा सकता है और देरी होने पर संबंधित विद्यालय की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
छात्रों के लिए क्या मतलब
जिन छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षा अभी तक नहीं हो पाई थी, उन्हें अब राहत मिली है। स्कूल प्रशासन छात्रों को नई तारीख और समय की सूचना देगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपने विद्यालय से संपर्क में रहें और प्रैक्टिकल के लिए जरूरी दस्तावेज और प्रोजेक्ट फाइल तैयार रखें।
बोर्ड की सख्ती क्यों
इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रैक्टिकल अंकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कई विषयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल मिलाकर कुल अंक निर्धारित होते हैं। यदि समय पर अंक अपलोड नहीं होते, तो छात्रों का रिजल्ट अटक सकता है। इसी कारण बोर्ड ने इस बार सख्त रुख अपनाया है और समय सीमा का पालन अनिवार्य कर दिया है।
रिजल्ट पर नहीं पड़ेगा असर
बोर्ड के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर सभी अंक अपलोड होने पर रिजल्ट प्रक्रिया समय पर पूरी की जाएगी। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी प्रैक्टिकल उपस्थिति और रिकॉर्ड को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
क्या करें छात्र और अभिभावक
छात्र अपने विद्यालय से प्रैक्टिकल की नई तिथि की पुष्टि करें। यदि किसी कारण से परीक्षा छूट गई है, तो तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित करें। अभिभावक भी यह सुनिश्चित करें कि बच्चों ने सभी आवश्यक फाइल और प्रोजेक्ट कार्य पूरा कर लिया है।
यूपी बोर्ड का यह फैसला लाखों इंटरमीडिएट छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। अब सभी की नजर 13 फरवरी की डेडलाइन पर है, जिसके भीतर स्कूलों को हर हाल में प्रैक्टिकल अंक अपलोड करने होंगे।






